मंगलवार, अप्रैल 21

अलविदा सर ,अपना ख्याल रखना



अलविदा सर ,अपना ख्याल रखना
आखिरकार वही हुआ जिसका डर था ,निशांत सर हम हमारे साथ काम नहीं करेंगे .सच में यही खबर तो मिली थी हमें उस वक्त .....और एक सदमा जिसने voi को एक बड़ा झटका दे दिया ,और सच भी यही की हमारा आचल भी इतना लाल हो गया है की अब पता ही नहीं लग रहा की वो खून है या फिर कुछ और ...... मैं वही पर मौजूद था ,मेरे आँखे इस बात की गवाह बन रही थी की आखिर इस इस व्यक्ति में ऐसा क्या था ? जिसने एक तड़पन हमेशा के लिए छोड़ दी शायद हमारे लिए .......... रात के तक़रीबन 11:00 बज रहे है मैं अपने ऑफिस से घर पर आ चूका हूँ ,लेकिन मैंने अपनी आँखों से देखा है उन लम्हों को जिसे मैं शायद कभी भूल नहीं पाऊंगा,ना तो अब हमें कोई जोक सुनाएगा और न ही कोई जोर जोर से चिल्लाएगा ,वैरी गुड सर - आज पूरा माहोल देखा सर के कभी इतना करीब तो नहीं था लेकिन उन्होंने अपने करीब सब को सोचा था ,मेरे लिए यह पल बिलकुल नया है ,मन न जाने क्यों अपने आप को कटोच रहा है .हकीकत यही है की मैं उनके जाने के वक्त को याद करता हूँ तो अपने साथियों को देखता हूँ और फिर एक गहरी उदासी छा जाती है क्योंकि कल फिर ऑफिस जाना है लेकिन कल कोई हाथ मिलाने नहीं आएगा ,ना ही कल कोई पूछेगा तुने गर्ल फ्रेंड बनाई क्या ?................कई बाते अब कभी नहीं होंगी .न्यूज़ रूम में एक बदलावहोगा वही बोरियत हमारे साथ रहेगी .....मैंने कई लोग देखे जिनकी आँखों में आंसूं देखे है सिर्फ रहेगा परिवार के लिए जो हमारे ऑफिस मैं अब तक बना रहा था ,इस्तीफों का दौर तो चलता रहता है लेकिन ऐसा इस्तीफा जिसने एक परिवार तोड़ दिया .जहा खबरों के बीच कोई अपना भी खबर बन गया .मैंने तो अंत तक उनको अलविदा कहा था ,शायद कोई कसक बाकी रह गई थी .लेकिन अपनों को खोने का दुःख पुरे ऑफिस को हुआ था ..... miss u sir miss u ashish ,vipin ,amit
Posted by ASHISH JAIN

3 टिप्पणियाँ:

shruti ने कहा…

miss u sir voi team

rinki ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
rinki ने कहा…

sir
apke jane se ek pal ke liye dhok zaror huha ki aap voi se chale gaye
leken wahin dosre pal mein ye kushi bhi hue, ke apake bhi apne sapne hai jo porein hone hai
may u achiev all the success that u ever dreamt
take care
rinki